हम भी दिल लगा बैठे।।

आसमा सी फैली खुशियां।

सिमट सी गयी ।।

बस खता ये हुई के हम ।

दिल लगा बैठे ।।

न हम बेवफा न बेवफाई ।

उसने की मगर।।

फिर भी गम हमपे मुस्कुरा बैठे।

लगा लिया अंधेरो ने कब गले से हमको।

पता चला तो रोते हुए भी मुस्कुरा बैठे ।।

– Ravi singh

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दिल की ख्वाहिश

देख रहा हूँ ।

समझ रहा हूँ।

निकल न पाऊंगा मैं

फिर भी धकेल रहा हूँ खुद को।

इस गहरे शांत समंदर में ।।

– Ravi singh

वो दिन…..

first-love

याद है वो दिन

मिली जिस शाम वो

नशीली सी आँखे ,  परियो सी मुस्कान वो

नटखट वो अदाएं थी , मेरे ही नाम जो

याद है वो दिन

मिली जिस शाम वो

फूलों सी कोमल , होंठ रंगगे गुलाब जो

पलकों का इशारा, बना मेरे लिए जाम जो

उनका वो शर्माना, मुझे देखने की चाह

और मुझी से छिप जाना

याद है वो दिन

मिली जिस शाम वो

याद है वो उनका  मुझसे नज़रे मिलाना

नज़र नज़र में ही  सब कह जाना

उनका वो रूठना ,मेरा उन्हें मनाना

याद है वो दिन

मिली जिस शाम वो …….

– RAVI SINGH